प्रभावित तारेंद्र सिंह, डबल सिंह, आनंद सिंह, पुष्कर सिंह और बलवंत सिंह का कहना है कि अब भूस्खलन मकानों तक पहुंच गया है। वर्ष 2023 में तहसील प्रशासन की ओर से भूस्खलन क्षेत्र का कई बार सर्वे किया गया, लेकिन स्थिति जस की तस है। मठ-झड़ेता के ग्राम प्रधान संजय राणा का कहना है कि भूस्खलन का स्थायी ट्रीटमेंट बेहद जरूरी है।
कहा, मठ गांव में लगभग 50 परिवार निवास करते हैं, जिसमें से करीब 24 परिवारों के मकान खतरे की जद में आ गए हैं। वहीं, डीएम हिमांशु खुराना का कहना है कि मठ गांव के भूस्खलन एरिया का ट्रीटमेंट टीएचडीसी की ओर से किया जाना है। यह कार्य टीएचडीसी स्तर पर ही लंबित है। इसे दिखवाया जाएगा।