मई 2010 में बना था पुल
मोटाढांक में 325 मीटर स्पान का यह डबल लेन मोटर पुल क्षेत्रवासियों की मांग पर 24 मई 2010 में बनकर तैयार हुआ था। पुल बनने से पहले क्षेत्रवासी यहां बने रपटे से आवाजाही करते थे। बरसात के दिनों में यहां आवागमन ठप रहता था जिसे देखते हुए राज्य सरकार ने यहां पर 12.35 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण कराया। अब पुल टूटने से भाबर के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। क्षेत्रवासी पुल टूटने की वजह लोक निर्माण विभाग की उदासीनता बता रहे हैं। कहा कि पुल को पहले से ही खतरा बना था, ऐसे में उनकी समय रहते उचित देखरेख नहीं की गई इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।