झांकी के अग्रभाग में राज्य पशु कस्तूरी मृग को दर्शाया गया है जो कि उत्तराखंड के वनाच्छादित हिम शिखरों में 3600 से 4400 मीटर की ऊंचाई पर पाया जाता है। राज्य पक्षी मोनाल व राज्य पुष्प ब्रह्मकमल दिखाया गया।
झांकी के मध्य भाग में भगवान शिव के वाहन नंदी को दर्शाया गया है तथा साथ में केदारनाथ धाम में यात्रियों को यात्रा करते हुए तथा श्रद्धालु को भक्ति में लीन दर्शाया गया है। झांकी के पृष्ठ भाग में बारह ज्योर्तिलिंगों में से एक बाबा केदार का भव्य मंदिर दर्शाया गया है। दिल्ली से झांकी को देहरादून लाने के बाद म्यूजिम में रखा गया है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गणतंत्र दिवस पर राजपथ दिल्ली में उत्तराखंड की झांकी में प्रतिभाग करने वाले कलाकारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि झांकी में शामिल सभी 12 कलाकारों को 25-25 हजार रुपये पारितोषिक दिया जाएगा।
केदारखंड झांकी ने देश में तीसरा स्थान पाया था। झांकी का थीम सांग जय-जय केदारा... था। सम्मानित होने वाले कलाकारों में उप निदेशक सूचना केएस चौहान, मोहन चंद्र पांडेय, विशाल कुमार, दीपक सिंह, देवेश पंत, वरूण कुमार, रेनु, नीरू बोरा, दिव्या, नीलम, अंकिता नेगी शामिल थे।