वहीं, आईटी विभाग ने तय किया है कि जो भी सर्विस सेक्टर की कंपनियां बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी, फोन कनेक्टिविटी चाहेंगी, उनके लिए रानीपोखरी में सिडकुल की जमीन पर आईटी टावर बनाया जाएगा। इसमें 1000 सीट क्षमता रहेगी। जिस पर अलग-अलग फ्लोर पर कंपनियां अपना सेटअप कर सकती हैं। उन्हें कनेक्टिविटी से जुड़ी हर सुविधा प्लग एंड प्ले फार्मूले के तहत इस टावर में ही उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
नीतियों में बदलाव का मिलेगा लाभ
आईटीडीए निदेशक नितिका खंडेलवाल ने बताया कि नीतियों में संशोधन या फिर नई नीति लाने का लाभ निवेशकों को मिलेगा। ड्रोन नीति की अधिसूचना जारी हो चुकी है। इस नीति के तहत अडानी ड्रोन ने रूचि दिखाई है। कंपनियों को यहां ड्रोन के क्षेत्र में बेहतर काम करने का मौका व माहौल मिलेगा। वहीं, आईटी संबंधी कई नीतियों को निवेशकों के लिहाज से सरल बनाया गया है।