वहीं दूसरे दिन भी निवेशकों ने देवभूमि को करोड़ों के निवेश का तोहफा दिया। रसना प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन पियूज खामबाटा ने फूड प्रोसेसिंग में 500 करोड़ के निवेश पर करार किया। वहीं महेंद्रा ग्रुप की ओर से ऑटोमोबाइल, अडानी ग्रुप, आईटीसी, होम बुरुप कंपनी ने कृषि और औद्यानिकी पर आधारित फूड प्रोसेसिंग, पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड ने जड़ी-बूटी, आयुष एवं वेलनेस, अमूल ने डेयरी प्रोडक्ट सेक्टर में निवेश प्रस्ताव पर एमओयू किया।
प्रदेश में पहली बार 1.20 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर आएगा, तो साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिलने की संभावना है। साथ ही कृषि उत्पादों का वेल्यू चेन (मूल्य संवर्धन) होने से किसानों की आय भी बढ़ेगी।
सेक्टर एमओयू संख्या निवेश का करार (करोड़ में) रोजगार की संभावना
पर्यटन 119 14,183 29,426
ऊर्जा 19 31,543 27,419
फूड प्रोसेसिंग 91 7654 81,864
हेल्थ केयर 71 18,064 60,373
सूचना प्रौद्योगिकी 19 5025 27,155
इन्फ्रास्ट्रक्चर 18 26,909 29,360
मैन्युफैक्चरिंग 233 11,626 51,764
शिक्षा एवं कौशल 09 6091 34,750
आयुष एवं वेलनेस 22 3270 11,678
-इन्वेस्टर्स समिट में 601 निवेश प्रस्तावों पर एमओयू
-एक लाख 20 हजार करोड़ का निवेश पर सहमति
-प्रदेश के 3.50 लाख लोगों को मिलेगा सीधा रोजगार