उत्तराखंड सूचना आयोग ने एमडीडीए के अधिकारी जानबूझकर लंबे समय तक आरटीआई सवालों का जवाब न देने पर नाराजगी जताई है। आयोग ने इस बात पर भी नाराजगी जताई है कि आरटीआई सवालों का जवाब न देने वाले सूचना अधिकारियों पर कार्रवाई करने में भी कोताही बरती जा रही है।
अपीलकर्ता अशफाक ने एमडीडीए से अप्रैल 2025 में एक सूचना की मांग की थी लेकिन एक साल तक उन्हें इसका जवाब नहीं दिया गया। अशफाक को प्रथम विभागीय अपील में भी कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद सूचना आयोग में दाखिल अपील में अधिकारियों ने सूचना न पाने के लिए आवेदनकर्ता को ही जिम्मेदार ठहरा दिया और कहा कि आवेदनकर्ता सूचना देने पर एमडीडीए के कार्यालय में उपस्थित नहीं हुआ। हालांकि, आयोग ने अधिकारियों की इस दलील को केवल लीपापोती माना। आयोग ने लोक सूचना अधिकारी को मांगी गई सूचना निश्चित समयावधि के अंदर देने का निर्देश दिया।