इस पर उन्होंने बताया कि लंगूर एवं बंदरों की समस्या से निपटने के लिए ऋषिकेश में मंकी रेस्क्यू केंद्र बन रहा है, जबकि उत्तरकाशी एवं चमोली में भालू रेस्क्यू केंद्र का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
डीएफओ संदीप कुमार ने बताया कि सिक्योर हिमालय के माध्यम से क्षेत्र के 50 युवाओं को साहसिक पर्यटन, होम स्टे, बर्ड वॉचिंग आदि का प्रशिक्षण दिया गया है।
इस मौके पर सचेंद्र पंवार, गंगोत्री नेशनल पार्क के उपनिदेशक आरएन श्रीवास्तव, डीएफओ आरबी सिंह, हर्षिल के प्रधान दिनेश रावत, धराली के वन सरपंच दुर्गेश रावत, हर्षिल ईको विकास समिति के अध्यक्ष माधवेंद्र रावत, जैव विविधता समिति के अध्यक्ष प्रथम सिंह पंवार, रेंजर प्रताप पंवार, पूजा चौहान, उम्मेद सिंह धाकड़ आदि मौजूद रहे।