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उत्तराखंडः आयकर विभाग ने टीडीएस में पकड़ीं बड़ी खामियां, प्रदेश के छह संस्थानों से कागजात जब्त

Fri, 24 Jan 2020 03:24 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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आयकर विभाग (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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आयकर विभाग ने छह संस्थानों में टीडीएस (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) सर्वे कर बड़े पैमाने पर खामियां पकड़ी हैं। इन सभी संस्थानों से संबंधित दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं। यह संस्थान तय सीमा से कम टीडीएस काटने के साथ ही उसे जमा नहीं करा रहे थे।

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आयकर विभाग की टीडीएस विंग ने बृहस्पतिवार को इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट एकेडमी (आईजीएनएफए) समेत छह प्रतिष्ठानों पर टीडीएस का सर्वे किया। इस दौरान विंग के अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच में पाया कि टीडीएस कटौती व उसे जमा करने को लेकर अधिकारी कई तरह की गड़बड़ी कर रहे हैं।

संयुक्त आयुक्त लियाकत अली के निर्देश पर देहरादून स्थित एटेरो रीसाइक्लिंग प्राइवेट लिमिटेड व एक्युटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में टीडीएस सर्वे किया। इसके अलावा हरिद्वार में सुपरटेक होटल प्राइवेट लिमिटेड, हल्द्वानी में बीटीसी इंडस्ट्रीज व बाजपुर में पॉलीप्लेक्स कॉरपोरेशन में भी सर्वे किया गया। इस दौरान आयकर विभाग की टीडीएस विंग ने संबंधित प्रतिष्ठानों में टीडीएस कटौती की स्थिति देखी। उन्होंने पाया कि वेतन व अन्य मदों में किए गए भुगतान में टीडीएस कटौती के मानकों का ख्याल नहीं रखा जा रहा। 
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इसके अलावा इन संस्थानों पर लंबे समय से टीडीएस का बकाया भी चल रहा है। संयुक्त आयुक्त लियाकत अली के मुताबिक, सभी प्रतिष्ठानों को मानकों के अनुरूप टीडीएस कटौती करके उसे समय पर जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बकाया राशि के भुगतान के लिए कहा गया है। यदि इसके बाद भी टीडीएस संबंधी अनियमितताएं दूर नहीं की गईं तो सभी के बैंक खाते फ्रीज कर दिए जाएंगे।

प्रदेश में बड़े पैमाने पर हो रही टीडीएस में गड़बड़ी

प्रदेश के सरकारी और निजी प्रतिष्ठानों में टीडीएस में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रही है। आयकर विभाग की टीम ने ऐसे सभी प्रतिष्ठानों की सूची तैयार की है। अगले दो माह के भीतर इन सभी में सर्वे किया जाएगा। 

भारी डिमांड से पकड़ी जा रही गड़बड़ियां 

दरअसल, आयकर विभाग सभी सरकारी या निजी प्रतिष्ठानों में होने वाले लेन-देन के हिसाब से जांच कर रहा है। इसके तहत तमाम ऐसे संस्थान हैं, जहां बड़े पैमाने पर डिमांड सामने आ रही है। इस डिमांड से ही वह पकड़ में आ रहे हैं। 

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