अलग-अलग हादसों में डूबने से किशोरी समेत चार लोगों की मौत हो गई। हरिद्वार में दो, ऋषिकेश व कर्णप्रयाग में एक-एक की जान गई है।
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हरिद्वार के बहादराबाद क्षेत्र में रविवार दोपहर फैक्टरी कर्मी गुलशन (18) पुत्र नरेंद्र कुमार निवासी रोशनाबाद अपने साथियों के साथ गंगनहर में नहाने के लिए पहुंचा था। देखते ही देखते वह पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गया और डूबकर लापता हो गया। सूचना मिलते ही जल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और सर्च अभियान चलाया लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला, उसकी तलाश जारी है। वह रोशनाबाद स्थित रॉकमैन कंपनी में कार्यरत था। हरिद्वार में ही नगर कोतवाली क्षेत्र में सप्तऋषि घाट के पास गंगा में डूब रहे एक व्यक्ति को एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर बाहर निकाला लेकिन अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की देर शाम तक शिनाख्त नहीं हो पाई थी। मृतक की उम्र करीब 55 वर्ष है।
उधर, कर्णप्रयाग में पिंडर नदी में नहाते समय पैर फिसलने से अमृता (15) पानी में डूब गई। सूचना पर पहुंची टीम ने किशोरी को पानी से निकालकर अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना रविवार दोपहर की है। गांधीनगर निवासी अमृता अपनी सहेलियों के साथ नदी में नहाने आई थी, इसी दौरान वह पानी में डूब गई।
त्रिवेणी घाट पर गंगा में बहा दून का किशोर
देहरादून से दोस्तों के साथ घूमने आए एक किशोर त्रिवेणी घाट पर गंगा नदी में बह गया। एसडीआरएफ निरीक्षक कविंद्र सजवाण ने बताया कि रविवार सुबह करीब 7:40 बजे चार दोस्त अपने घर से मंदिर जाने की बात कहकर ऋषिकेश पहुंचे थे। त्रिवेणी घाट पर स्नान के दौरान आयुष थापा (17) पुत्र सुनील थापा निवासी ओल्ड कनॉट प्लेस, चकराता रोड, देहरादून का चश्मा गंगा में गिर गया। उसे पकड़ने के प्रयास में वह गहरे पानी की ओर चला गया और तेज बहाव की चपेट में आकर बहने लगा। देखते ही देखते वह लापता हो गया। सूचना पर पहुंची एसडीआरएफ, जल पुलिस और आपदा राहत दल ने सर्च अभियान चलाया लेकिन देर शाम तक किशोर का कोई सुराग नहीं लग पाया।