सूर्यधार झील मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। सीएम ने स्वयं ही इस परियोजना को कम लागत में बनाने की घोषणा की है। जबकि मुख्यमंत्री कोई घोषणा करते हैं तो अधिकारियों को इसे कम लागत पर बनाना चाहिए। लेकिन एक साल में परियोजना की लागत को बढ़ा दिया गया है। इसकी लागत कैसे बढ़ी, मामले की पूरी जांच होगी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी और गुणवत्ता के निर्देश दिए।
18 गांवों के लोगों को मिलेगा पीने का पानी
सूर्यधार झील निर्माण से आसपास के 18 गांवों की 35 हजार आबादी को पीने का पानी मिलेगा। झील से दो क्यूसेक पानी पेयजल के लिए दिया जाएगा। वहीं, 12500 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
सूर्यधार झील बनने पर पर्यटकों को घूमने के लिए एक नया स्थान मिलेगा। बैराज के आसपास के क्षेत्रों को पर्यटन की दृष्टि से सौंदर्यीकरण किया जाएगा। बैराज के दोनों तरफ टेरेस और ग्लास हाउस, काटेज का निर्माण किया जाएगा। जिससे यहां आने वाले पर्यटक कुछ पल सुकून के बिता सकेंगे।