स्वास्थ्य विभाग में एलोपैथिक डॉक्टरों के बाद अब आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सकों के स्थानांतरण को लेकर सुगम एवं दुर्गम का कोटिकरण कर लिया गया है।
निदेशक डॉ. अरुण त्रिपाठी ने बताया कि उधमसिंहनगर के 13 अस्पतालों, हरिद्वार के 26, टिहरी के दो और देहरादून के 32 अस्पतालों को सुगम श्रेणी के अस्पतालों में रखा गया है। जबकि चंपावत के 21, अल्मोड़ा के 50, नैनीताल के 36, रुद्रप्रयाग के 32, पिथौरागढ़ के 57, बागेश्वर के 18, चमोली के 59, उत्तरकाशी के 50, देहरादून के 20, पौड़ी के 60 और टिहरी के 69 अस्पतालों को दुर्गम श्रेणी में रखा गया है।
निदेशक डॉ. अरुण त्रिपाठी ने बताया कि सुगम, दुर्गम का निर्धारण करने के साथ ही इसकी सूचना वेबसाइट पर डाल दी गई है। विभाग में तैनात सभी डॉक्टरों से सुगम, दुर्गम के आधार पर स्थानांतरण के विकल्प मांगे गए हैं। डॉक्टरों द्वारा विकल्प देने के साथ ही उनके स्थानांतरण पर विचार विमर्श किया जाएगा। उल्लेखनीय कि इससे पहले स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा, समेत कई विभागों में कोटिकरण कर अधिकारियों, कर्मचारियों के तबादले किए जा चुके हैं। शिक्षा विभाग में सुगम, दुर्गम का निर्धारण कर शिक्षकों के तबादले भी कर दिए गए हैं। आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा में सुगम दुर्गम की जानकारी विस्तार से जानने के लिए अमर उजाला डॉट काम की मदद ली जा सकती है।
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