उच्च शिक्षा में 104 सरकारी महाविद्यालय, 17 सहायता प्राप्त महाविद्यालय एवं 11 विश्वविद्यालय हैं। फीस संशोधित होने से एक लाख से अधिक छात्रों की फीस में बदलाव होगा। फीस के रूप में कुछ मदों को समाप्त कर कुछ नई मदों को जोड़ा जा सकता है।
राज्य उच्च शिक्षा आयोग में मुख्यमंत्री होंगे अध्यक्ष
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डा.धन सिंह रावत ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत बनने वाले राज्य उच्च शिक्षा आयोग में मुख्यमंत्री इसके अध्यक्ष और शिक्षा मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। 21 सदस्यीय आयोग में 50 फीसदी शिक्षाविद् एवं इतने ही अन्य शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले लोग होंगे। वही यूजीसी को खत्म किया जाएगा। दून विश्वविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति को लेकर काफी विचार विमर्श हो चुका, कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं।
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक के साथ भी दो बार बैठक हो चुकी है। उन्हें उम्मीद है कि दिसंबर 2019 तक नई शिक्षा नीति आ जाएगी। इसमें यह तय किया जा रहा है कि समस्त राज्यों में बनने वाले राज्य शिक्षा आयोग में उन राज्यों के मुख्यमंत्री इसके अध्यक्ष होंगे। केंद्र में 51 लोग इस आयोग में शामिल होंगे। हर तीन महीने में आयोग की बैठकें होंगी।
प्रदेश में छात्र-छात्राओं से वर्षों से कुछ ऐसी मदों में भी फीस ली जा रही है, महाविद्यालयों में छात्रों को जिसकी सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। हम इन मदों को समाप्त करने जा रहे हैं।
-डा.धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री