हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को तीन माह में सभी जिलों में वृद्ध आश्रम खोलने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि सभी आश्रमों में अन्य सभी सुविधाओं के साथ ही चिकित्सीय सुविधाएं भी मौजूद हों।
वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हल्द्वानी की सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि चंपावत व चमोली जिले में एक-एक सरकारी वृद्ध आश्रम है। हरिद्वार और देहरादून में मौजूद वृद्ध आश्रम गैर सरकारी संस्थाओं की ओर से संचालित किए जा रहे हैं। अन्य जिलों में कोई भी वृद्ध आश्रम नहीं हैं।
ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यह प्रदेश सरकार का दायित्व है कि प्रत्येक जिले में वृद्ध आश्रम खोले जाएं। याची ने वृद्ध आश्रमों में पर्याप्त सुविधाओं की उपलब्धता पर भी जोर दिया। याची का कहना था कि केवल नाम के लिए आश्रम न खोले जाएं।