नारायणबगड़/देवाल में कड़ाकोट पट्टी के रैंस गांव के पैंफोरी और भंगोटासारी तोक के जंगल में सोमवार रात को आग भड़क उठी। आग अपनी छानियों की तरफ आता देख ग्रामीण बुझाने दौड़ पड़े और आग बुझाते समय तीन महिलाओं समेत चार लोग बुरी तरह झुलस गए। अन्य ग्रामीणों ने उन्हें पीएचसी नारायणबगड़ में भर्ती कराया। एक महिला की स्थिति गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
ग्रामीण रघुनाथ नेगी एवं सुखदेव भंडारी ने बताया कि भंगोटासारी के चीड़ के जंगल की आग जब रैंस गांव की छानियों और घास तक पहुंचने लगी तो लोग आग बुझाने दौड़ पड़े। आग बुझाने के दौरान माहेश्वरी देवी (42) पत्नी भूपाल सिंह, मानसिंह (60) पुत्र प्रेम सिंह, सुशीला देवी पत्नी शिशुपाल सिंह एवं उर्मिला देवी पत्नी मुकेश सिंह झुलस गए।
सभी लोगों को पीएचसी नारायणबगड़ लाया गया। पीएचसी के डॉ. नवीन चंद्र डिमरी ने बताया कि माहेश्वरी देवी की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है, जबकि मान सिंह का अस्पताल में उपचार चल रहा है। ग्राम प्रधान परिपूर्ण रावत ने प्रशासन से जंगल में आग लगाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की।
वहीं कई दिनों से देवाल ब्लॉक के जंगल भी जल रहे हैं। मुंदोली, सूया, कोठी, नंदकेशरी, पिनाऊ, देवसारी के जंगल में 30 हेक्टेयर वन संपदा जल गई है। वन विभाग के डिप्टी रेंजर टीएस बिष्ट ने कहा कि ग्रामीणों के सहयोग से आग बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों, प्रशासन व ग्राम प्रहरी से आग लगाने वालों की पहचान करने में सहयोग की अपील की।
वन क्षेत्र में आग लगाने पर तीन के खिलाफ केस
उत्तरकाशी वन प्रभाग ने वन क्षेत्र में आग लगाकर वन संपदा को नुकसान पहुंचाने के दो अलग-अलग मामलों में तीन मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें से एक मुकदमा विभागीय कार्रवाई के तहत भारतीय वन अधिनियम से संबंधित धारा में दर्ज किया गया है।
डीएफओ दीपचंद आर्य ने बताया कि मनेरी के विशनपुर सेंज और गंगोरी में वन क्षेत्र में आग लगाने के मामले में पुलिस में अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। मनेरी के विशनपुर सेंज की घटना पर भी अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। यहां भूमि वन संरक्षण प्रभाग द्वारा रोपे गए पौधों को जंगल की आग से नुकसान पहुंचा था। डीएफओ ने जारी विज्ञप्ति में कहा कि वनाग्नि के कारण पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। इससे मृदा अपरदन, भूस्खलन बढ़ने के साथ वन एवं वन्य जीवों को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। उन्होंने वनों में आग लगाने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। संवाद