हाईकोर्ट ने वीआईपी दौरे के दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से समय से पूर्व यातायात व्यवस्था रोकने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद एसएसपी नैनीताल को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कम समय के लिए यातायात को बाधित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
हाईकोर्ट के अधिवक्ता डॉ. चंद्रशेखर जोशी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि वीआईपी दौरे के दौरान पुलिस तथा प्रशासन की ओर से यातायात व्यवस्था को कई घंटे बाधित किया जाता है। इसकी वजह से कई जरूरी कार्य प्रभावित हो जाते हैं। याचिका में कहा गया कि घंटों यातायात रोका जाना गलत है। याचिकाकर्ता की ओर से प्रार्थना की गई कि वह वीआईपी दौरे को ध्यान में रखते हुए कम से कम समय के लिए यातायात व्यवस्था को बाधित किया जाए।
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि देश में वीआईपी सेवा प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री को दी जाती है। उनकी सुरक्षा को देखते हुए दौरे के दौरान कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था को बाधित किया जाता है। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कम समय के लिए यातायात व्यवस्था को बाधित करने के निर्देश देते हुए जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया।