जवाब से नाराज कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव रणवीर सिंह और मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक राजीव भरतरी को दस अगस्त (शुक्रवार) को दो बजे व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि पूर्व में पूछे गए सवालों की जानकारी दोनों अधिकारी स्पष्ट रूप से दें।
ये पूछा था कोर्ट ने.....
कार्बेट पार्क में रिजार्ट किस अधिनियम के तहत संचालित हो रहे हैं? रात में पर्यटकों को इन गेस्ट हाउसों में क्यों ठहरने दिया जा रहा है?
स्पेशल टाइगर फोर्स काम क्यों नहीं कर पा रही है? वन क्षेत्र में रह रहे गुर्जरों को कब तक शिफ्ट करेंगे? कार्बेट की छह रेंज में कितनी गाड़ियों के प्रवेश की अनुमति है?
क्या था मामला....
कार्बेट नेशनल पार्क में अतिक्रमण के संबंध में हिमालयन युवा ग्रामीण विकास संस्थान ने जनहित याचिका दायर की थी। इसी तरह राज्य सभा सदस्य अनिल बलूनी ने भी वन गुर्जरों से संबंधित याचिका 2012 में दाखिल की थी। इन सारी याचिकाओें पर कोर्ट संयुक्त रूप से सुनवाई कर रहा है। कोर्ट ने दो अगस्त को प्रदेश के मुख्य सचिव को शपथ पत्र पेश करने का कहा था।