फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड निकाय चुनाव: हाईकोर्ट ने सरकार को फिर दिया झटका, चुनाव की अधिसूचना फिर की रद्द

Tue, 29 May 2018 12:08 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नैनीताल
विज्ञापन
nainital high court - फोटो : google
विज्ञापन

रुड़की नगर निगम से जुडे़ फैसले के बाद हाईकोर्ट ने सोमवार को नगर पालिकाओं में किए गए आरक्षण को भी निरस्त कर दिया। हाईकोर्ट ने सरकार को सभी 41 नगर पालिकाओं में नए सिरे से आरक्षण तय करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने श्रीनगर और बाजपुर में अन्य नगर पालिकाओं के साथ आरक्षण न कराने जाने की स्थिति में यह आदेश जारी किया है।

विज्ञापन


25 मई को मिलती-जुलती स्थिति में हाईकोर्ट ने रुड़की के संबंध में इस तरह का फैसला दिया था। इसमें कहा गया था कि प्रदेश के सात अन्य नगर निगमों के साथ ही रुड़की में भी आरक्षण की प्रक्रिया की जानी चाहिए। हाईकोर्ट के सोमवार के आदेश के बाद नगर निकाय चुनाव के आगे खिसकने के और पुख्ता आसार बन गए हैं।सरकार ने 28 अप्रैल 2018 को आरक्षण की अंतिम अधिसूचना जारी कर प्रदेश की 41 नगर पालिकाओं में से  39 आरक्षण की स्थिति स्पष्ट की थी।

सरकार ने प्रदेश की दो नगर पालिकाओं श्रीनगर और बाजपुर को इस परिधि से बाहर कर दिया था। क्योंकि वहां पर नए सिरे से सीमा विस्तार की प्रक्रिया शुरू की गई है। किच्छा निवासी मुश्ताक अहमद ने याचिका दायर कर इस मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ में हुई।
विज्ञापन


याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि सरकार ने जानबूझकर दो नगर पालिकाओं को आरक्षण की परिधि से बाहर रखा है, जो कि गलत है। सरकार की ओर से इस मामले में कोई संतोषजनक जवाब पेश नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने सरकार की 28 अप्रैल 2018 की अधिसूचना को निरस्त करते हुए श्रीनगर और बाजपुर नगर पालिकाओं में नए सिरे से आरक्षण तय करने के लिए कहा है।

निकाय चुनाव पीछे खिसकने के बढे़ आसार
 हाईकोर्ट के इस आदेश का निकायों के चुनाव पर फर्क पड़ना तय है। हाईकोर्ट में पहले से ही निकायों के आरक्षण को लेकर एक अन्य याचिका पर सुनवाई जारी है। इस पर 30 मई को सुनवाई होनी है। दूसरी तरफ, हाईकोर्ट इससे पहले रुड़की नगर निगम के मामले में निकाय चुनाव साथ में कराने को कह चुका है। अब किच्छा निवासी की याचिका पर कोर्ट ने पूरी तरह से स्प्ष्ट कर दिया कि अलग-अलग आरक्षण तय करने का फार्मूला नहीं चलेगा। नए सिरे से आरक्षण तय करने की प्रक्रिया में काफी समय लगना तय है, क्योंकि संबंधित निकायों में अभी तक ओबीसी सर्वे भी नहीं हुआ है।

विज्ञापन

निकाय चुनाव-कानूनी पेंच दर पेंच

court
पालिकाओं पर भी डबल बेंच जाएगी सरकार
देहरादून। रुड़की नगर निगम के बाद श्रीनगर और बाजपुर नगर पालिकाओं पर आए फैसले को भी सरकार डबल बेंच में चुनौती देने के मूड में है। हालांकि अभी रुड़की के संबंध में हुए आदेश की ही कॉपी सरकार को प्राप्त नहीं हो पाई है। इस वजह से सरकार फैसले को हाईकोर्ट की डबल बेंच में चुनौती नहीं दे पाई है। नगर विकास मंत्री मदन कौशिक के अनुसार, रुड़की नगर निगम पर आए आदेश की कॉपी का सरकार इंतजार कर रही है। डबल बेंच में जाने की हमारी पूरी तैयारी है। श्रीनगर और बाजपुर पर आए निर्णय पर मंत्री ने कहा कि हम इसकी आदेश की कॉपी की भी प्रतीक्षा करेंगे। उन्होंने पालिकाओं पर आए फैसले को भी डबल बेंच में चुनौती देने के संकेत दिए हैं।

निकाय चुनाव-कानूनी पेंच दर पेंच

04 अप्रैल 18-जल्द चुनाव कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने हाईकोर्ट में रिट का खुलासा किया।
05 अप्रैल-सरकार ने हाईकोर्ट से कहा-12 मई तक कर देंगे सारी प्रक्रिया, 23 निकायों में सीमा विस्तार की अधिसूचना की।
14 मई -हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने पांच अप्रैल को जारी 23 नगर निकायों की सीमा विस्तार की अधिसूचना को खारिज किया।
22 मई-पांच अप्रैल की अधिसूचना को खारिज करने के सिंगल बेंच के फैसले को डबल बेंच ने पलटा। नगर निकाय चुनाव का रास्ता खुला।
23 मई -चुनाव कराने के लिए सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग के बीच हुई बैठक। 27 तक 84 नगर निकायों में चुनाव कराने के लिए सारी प्रक्रिया पूरी कर देने पर सहमति।
24 मई -सरकार ने हाईकोर्ट को दी रिपोर्ट में बताया कि 27 मई तक सारी प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।
25 मई -हाईकोर्ट ने एक अन्य याचिका पर सुनवाई करते हुए रुड़की को आरक्षण प्रक्रिया से अलग रखने को गलत ठहराया। साथ ही अन्य नगर निगमों के साथ ही रुड़की में आरक्षण तय करने के आदेश जारी किए।
26 मई -सरकार ने रुड़की नगर निगम पर आए सिंगल बेंच के फैसले को डबल बेंच में चुनौती देने का निर्णय लिया।
28 मई -हाईकोर्ट ने श्रीनगर और बाजपुर नगर पालिका परिषद का आरक्षण अन्य के साथ न कराने को गलत ठहराया। साथ ही सभी 41 नगर पालिकाओं का आरक्षण एक साथ तय करने के आदेश जारी किए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें