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1500 वन श्रमिकों को हाईकोर्ट का बड़ा झटका, वेतनमान और महंगाई भत्ते का आदेश निरस्त

Sat, 23 Feb 2019 08:31 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
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मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ ने वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम वेतन के साथ महंगाई भत्ता देने के एकल पीठ के आदेश को निरस्त कर दिया है।

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खंडपीठ ने सरकार के फैसले को सही माना है। कोर्ट के इस आदेश से वन निगम में 1984 के बाद के 1500 से अधिक वन श्रमिक प्रभावित होंगे। पूर्व में दैनिक वेतन भोगियों ने हाईकोर्ट की एकल पीठ के समक्ष याचिका दायर कर कहा था कि वन विभाग में उनसे पहले से कार्यरत दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम वेतन महंगाई भत्ते के साथ दिया जा रहा है।

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याचिकाकर्ताओं को इस सुविधा से वंचित किया गया है। उन्हें भी  2002 से न्यूनतम वेतन महंगाई भत्ते के साथ दिया जाए। एकल पीठ के इस आदेश को सरकार ने स्पेशल अपील के माध्यम से चुनौती दी थी।

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के 2002 में दिए गए पुत्ती लाल बनाम यूपी सरकार, जगजीत सिंह बनाम पंजाब सरकार और 2006 के उमा देवी बनाम कर्नाटक सरकार आदि फैसलों का हवाला दिया था। इस आधार पर सरकार ने एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी थी।
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