नैनीताल हाईकोर्ट ने राजाजी नेशनल पार्क में सीज किए गए सिद्धबली स्टोन क्रशर को खोलने की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है। स्टोन क्रशर संचालक ने आपत्तियों के निस्तारण के बाद इसे खोलने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है आपत्तियों के निस्तारण के बाद भी स्टोन क्रशर हाईकोर्ट की अनुमति के बिना नहीं खुलेगा। कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए दो सप्ताह बाद की तिथि नियत की है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि कुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। कोटद्वार निवासी देवेंद्र सिंह अधिकारी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि कोटद्वार में राजाजी नेशनल में सिद्धबली स्टोन क्रशर लगाया गया है। यह स्टोन क्रशर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मानकों को पूरा नहीं करता है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी गाइडलाइन में कहा है कि कोई भी स्टोन क्रशर नेशनल पार्कों के 10 किलोमीटर हवाई दूरी के भीतर स्थापित नहीं किया जा सकता, जबकि यह स्टोन क्रशर साढ़े छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पूर्व में सरकार ने अपनी रिपोर्ट पेश कर कहा था कि यह स्टोन क्रशर सड़क से 13 किलोमीटर दूर है, जिस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने इसका विरोध करते हुए कोर्ट को बताया था कि दूरी मापने के लिए एरियल डिस्टेंस है न कि सड़क से। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान स्टोन क्रशर संचालक ने आपत्तियों के निपटारे के बाद स्टोन क्रशर को खोलने की अनुमति मांगी जिसे कोर्ट ने इनकार कर दिया।