आयोग ने यूजीसी के मानकों की अनदेखी करते हुए साक्षात्कार के आधार पर नियुक्तियां कीं। यूजीसी के नियमों के अनुसार लिखित परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों की स्क्रीनिंग के बाद 100 अंकों की जो मेरिट बनेगी उसमें साक्षात्कार का अधिमान केवल 20 प्रतिशत होगा।
शैक्षिक योग्यता, शैक्षणिक अनुभव, शोध पत्र और एपीआई के आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा। आयोग ने मात्र साक्षात्कार के आधार पर ही चयन किया। आयोग ने लंबे समय से संविदा पर अध्यापन कर रहे शिक्षकों को उनके सेवाकाल का भी लाभ नहीं दिया।