इसलिए मतदान करने में कोई आलस्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने राजस्थान के एक मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी के एक वोट से हारने का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि आपकी एक छोटी सी चूक के कारण भविष्य में कोई मंत्री बनने से रह जाए।
इससे पूर्व राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने पीयूष गोयल के प्रति अपने लगाव को प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा कि गोयल दिल्ली में उनके लोकल गार्जन हैं। अपने एक साल के कार्यकाल में उन्होंने 12 काम किए हैं, उनमें दो बड़े काम गोयल के रेल मंत्रालय से संबंधित हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की तस्वीर और तकदीर बदलने की योजना पर काम जारी है। इस अवसर पर भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नरेश बंसल, कार्यक्रम के संयोजक अनिल गोयल, दर्जाधारी आरके जैन, सह संयोजक बलजीत सिंह सोनी, महानगर अध्यक्ष विनय गोयल समेत कई अन्य लोग उपस्थित थे।