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Uttarakhand: कालागढ़ डैम मामले में हाईकोर्ट के निर्देश, एक माह में रिपोर्ट दें उत्तराखंड-यूपी के अधिकारी

Fri, 21 Mar 2025 11:18 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

कालागढ़ जन कल्याण उत्थान समिति ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि तत्कालीन यूपी सरकार ने 1960 में कालागढ़ डैम बनाने के लिए वन विभाग की कई हजार हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण कर सिंचाई विभाग को दिया था।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कालागढ़ डैम के समीप वन विभाग और सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध रूप से रह रहे 213 परिवारों को हटाने के मामले में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति आलोक मेहरा ने इस प्रकरण पर दोनों राज्यों के अधिकारियों को बैठक कर एक माह में रिपाेर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले कोर्ट में वर्चुअल पेश हुईं उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कोर्ट को बताया कि कालागढ़ डैम यूपी का है और विस्थापन पर वहां की सरकार फैसला लेगी। अगली सुनवाई अब 28 अप्रैल को होगी।

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सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि कालागढ़ डैम का अधिकांश हिस्सा उत्तर प्रदेश में है तो उन्होंने याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल क्यों नहीं की। इसके जवाब में याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि उन्हें हटाने का नोटिस जिलाधिकारी पौड़ी ने जारी किया है। इस कारण उन्होंने उत्तराखंड हाईकोर्ट की शरण ली है। उन्होंने बताया कि कालागढ़ डैम क्षेत्र का वन व बिजली का स्वामित्व उत्तराखंड के पास है, जबकि सिंचाई और बाढ़ विभाग उत्तर प्रदेश सरकार के पास है। मुख्य सचिव के पक्ष के बाद यूपी के अधिवक्ता ने अपना पक्षा रखा कि इस मामले मेें उत्तर प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी नहीं है।

यह है मामला

कालागढ़ जन कल्याण उत्थान समिति ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि तत्कालीन यूपी सरकार ने 1960 में कालागढ़ डैम बनाने के लिए वन विभाग की कई हजार हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण कर सिंचाई विभाग को दिया था। डैम बनने के बाद कई हेक्टेयर भूमि वापस की गई, लेकिन शेष बची भूमि पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों व अन्य लोगों ने कब्जा किया। अब राज्य सरकार 213 लोगों को विस्थापित कर रही है जबकि वे भी दशकों से उसी स्थान पर रह रहे हैं।

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