हाईकोर्ट ने प्रदेश में अवैध रूप से संचालित पशु वधशालाओं को 72 घंटे के अंदर सील करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने सरकार को कहा है कि वह सुनिश्चित करें कि खुले स्थान पर पशुओं का वध न हो। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ ने परवेज आलम की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किए।
कोर्ट ने सरकार से कहा कि वह इस मामले में सात दिन के अंदर एक कमेटी का गठन करें। निकाय यह सुनिश्चित करें कि पशुओं का वध खुले स्थानों, सड़कों और पैदल मार्गों में ना किया जाए। कोर्ट ने कहा कि सरकार यह भी सुनिश्चित करें कि कोई भी पशु वधशाला बिना लाइसेंस के न चलाया जाए।
याची ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि पशुओं की क्रूरतापूर्वक खुले स्थानों पर हत्या की जा रही है। केंद्र सरकार ने इसके लिए 2001 में नियम बनाये थे, लेकिन इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। याची ने की ओर से पशुओं की क्रूरतापूर्वक हत्या किए जाने के फोटोग्राफ भी कोर्ट में पेश किए थे। अगली सुनवाई के लिए नौ अक्टूबर की तिथि नियत की।