हाईकोर्ट ने ग्रेस मार्क्स के आधार पर सेना भर्ती से बाहर किए गए याची को मेडिकल और लिखित परीक्षा में शामिल करने का सेना को आदेश दिया है। याची का परीक्षा परिणाम हाईकोर्ट के निर्देश के अधीन रहेगा।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। ग्राम कूल (पोस्ट आफिस प्योरा, जिला नैनीताल) निवासी सूरज सिंह जीना ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि वह 27 नवंबर 2018 को भारतीय सेना की खुली भर्ती में हल्द्वानी में शामिल हुआ था। याचिकाकर्ता शारीरिक परीक्षा में सफल घोषित किया गया था, लेकिन दस्तावेज के सत्यापन के समय याची को हाईस्कूल में किसी एक विषय में ग्रेस मार्क होने के आधार पर भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया।
याची का कहना था कि उसने 45 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। बावजूद इसके उसे मेडिकल और लिखित परीक्षा से बाहर कर दिया गया। पीठ ने सेना को आदेश दिया है कि वह याची को मेडिकल और लिखित परीक्षा में शामिल करे। कोर्ट ने साथ ही यह भी कहा कि याची का परीक्षा परिणाम अगली सुनवाई तक घोषित न किया जाए।