हाईकोर्ट ने ऊधमसिंह नगर के शक्तिगढ़ नगर पंचायत में हुए राजीव गांधी आवास घोटाला मामले में सुनवाई के बाद सरकार को 14 अगस्त तक स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
मामले के अनुसार शक्तिफॉर्म निवासी रमेश राय ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि केंद्र सरकार की ओर से शक्तिगढ़ नगर पंचायत में आवास विहीन और गरीब लोगों के लिए 504 राजीव गांधी आवास स्वीकृत हुए थे। ये आवास इन लोगों को न देकर अन्य लोगों को दे दिए गए। याचिकाकर्ता की शिकायत पर जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर ने एसडीएम से इसकी जांच कराई।
जांच में घपले की पुष्टि हुई। जांच में 17 सरकारी और कुछ अन्य लोग शामिल थे। 1 अप्रैल 2019 को इस जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी ने सरकार को भेजी और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और विभागीय कार्यवाही की सिफारिश की, लेकिन सरकार ने इस जांच रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की और मामले को बंद कर दिया। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार को 14 अगस्त तक स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।