फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: हाईकोर्ट का सरकार को आदेश, मुंबई में फंसे प्रवासियों को वापस लाने के लिए बनाएं त्वरित कार्ययोजना 

Mon, 15 Jun 2020 10:09 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल

सार

  • हाईकोर्ट ने राज्य सरकार व रेलवे से 17 जून तक जवाब दाखिल करने को कहा
विज्ञापन
- फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नैनीताल हाईकोर्ट ने प्रवासी सहयोगी टीम की सदस्य श्वेता मासीवाल की हस्तक्षेप याचिका का संज्ञान लिया। कोर्ट ने राज्य सरकार और भारतीय रेलवे से मुंबई में अब भी फंसे 2600 उत्तराखंड के प्रवासियों को वापस लाने के मामले में त्वरित कार्ययोजना बनाकर 17 जून को न्यायालय में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। प्रवासी सहयोगी टीम की श्वेता मासीवाल ने हाईकोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दायर कर कहा कि प्रवासी 30 अप्रैल से पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा कर वापसी का इंतजार कर रहे हैं।


इन्हें मुंबई से वापस लाने के मामले में राज्य सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। याचिका में प्रवासी सहायता टीम के अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली ने बताया कि टीम के कई बार संपर्क करने के बाद भी राज्य सरकार ने मामले में महाराष्ट्र को एनओसी नहीं दी है।
विज्ञापन


जबकि टीम के अनुरोध पर महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों ने उत्तराखंड के नोडल अधिकारियों से तथा टीम ने भी लगातार 26 मई से कई बार संपर्क कर उत्तराखंड सरकार से अनुरोध किया था। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने फंसे 2600 प्रवासियों को वापस लाने के लिए त्वरित कार्ययोजना बनाकर कोर्ट में जवाब दायर करने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें