याचिका में केंद्रीय पर्यावरण सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, मुख्य सचिव उत्तराखंड , प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (सामान्य), प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव), मुख्य वन संरक्षक कुमाऊ संभाग नैनीताल, वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊ अल्मोड़ा, जिलाधिकारी बागेश्वर, उप जिलाधिकारी गरुड़, सचिव उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड देहरादून को पक्षकार बनाया गया है।
याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट के न्यू फ़्रेंड कॉलोनी रेजिडेंट्स बनाम भारत संघ एवं अन्य में पारित 3 अगस्त 2007 के निर्यण का हवाला देते हुए कहा गया कि उत्तराखंड में बंदरों, आवारा जानवरों व जंगली सुअरों के आतंक से लोगों को निजात दिलाने के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया जाए यह कमेटी इस समस्या के समाधान के लिए विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट में पेश करे।