विष्णु ने अपने दशावतारों में नरसिंह, कूर्म और बुद्ध के रूप में भी अवतार लिया था। नरसिंह जयंती जहां शुक्रवार को है वहीं शेष तीन जयंतियां शनिवार को पड़ेंगी। वैशाख पूर्णिमा के दिन विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप की पूजा की जाती है।
धर्मनगरी के तमाम मंदिरों में और घरों में भी सत्यनारायण पर्व मनाया जाएगा। महापर्वों का एक दिन पड़ना दुर्लभ संयोग है। चतुर्दशी तिथि के क्षय हो जाने के कारण ऐसा संयोग पड़ गया है।
बैसाख पूर्णिमा महापर्व है। अनेक पुराणों में कहा गया है कि यह दिन सृष्टि के सर्वश्रेष्ठ दिनों में से एक दिन है। इसी दिन बुद्ध जयंती पड़ने से बैसाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाने लगा है। बुद्ध पूर्णिमा का स्नान करने के लिए बुधवार से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। राजस्थान और गुजरात से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। इसी के साथ चारधाम यात्रा का चरमकाल भी प्रारंभ हो गया है।
इस दिन स्नान, दान और पूजा-पाठ करने से आपके सारे कष्ट दूर हो जाते हैं क्योंकि इस त्यौहार को बहुत ही पवित्र और फलदायी माना गया है। इस दिन चीनी और तिल का दान देने से इस पाप से छुटकारा मिल जाता है। यह पितरों को तृप्त करने का दिन माना जाता है। इसके लिए किसी पवित्र नदी में स्नान कर हाथ में तिल लेकर तर्पण करें। ऐसा करने से आपके पितर प्रसन्न होगे साथ ही उनका आशीर्वाद भी मिलेगा।
बुद्ध पूर्णिमा स्नान पर्व को सकुशल संपन्न कराने को लेकर पुलिस महकमे ने कमर कस ली है। एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी ने बैठक कर अधीनस्थों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र में पुलिस ब्रीफिंग करते हुए एसएसपी ने कहा कि पूरा मेला क्षेत्र को छह जोन और 18 सेक्टर में बांटा गया है।
पूरे मेला क्षेत्र की जिम्मेदारी एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय को दी गई है। एसएसपी ने कहा कि बुद्ध पूर्णिमा स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ने का अनुमान है। इसलिए सुरक्षा और यातायात के लिए चाक चौबंद व्यवस्था कर दी गई है।
एसएसपी ने कहा कि स्नान पर्व में आने वाले हर श्रद्धालु से पुलिसकर्मी विनम्रता से पेश आएं ताकि पुलिस की गलत छवि लेकर श्रद्धालु यहां से न जाए। उन्होंने कहा कि विशेषकर यातायात को लेकर पुलिसकर्मी सजग रहे और मोबाइल फोन का इस्तेमाल ड्यूटी के दौरान बिलकुल न करें। इस दौरान एसपी अपराध मंजूनाथ टीसी, एसपी देहात नवनीत सिंह भुल्ला, एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय समेत क्षेत्राधिकारी, इंस्पेक्टर, एसओ एवं पुलिस फोर्स मौजूद रही।
इतनी फोर्स रहेगी तैनात
चार सीओ, पांच प्रशिक्षु सीओ, सात निरीक्षक एसओ, 37 एसआई, आठ महिला एसआई, 19 हेड कांस्टेबल, 192 कांस्टेबल, 76 महिला कांस्टेबल, एक टीएसआई, सात हेड कांस्टेबल यातायात, 20 यातायात कांस्टेबल, 16 कर्मचारी एलआईयू, एक टीम बीडीएस, फायर पुलिस, जल पुलिस एवं चार कंपनी पीएसी की तैनाती की गई है।