हाईकोर्ट ने प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में तैनात शिक्षा मित्रों को राहत दी है। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ ने शिक्षको की स्थायी नियुक्ति होने तक शिक्षा मित्रों को अपने पदों पर बनाये रखने के निर्देश सरकार को दिए हैं।
शिक्षक पात्रता परीक्षा पास न करने वाले शिक्षकों की सेवा 31 मार्च को समाप्त करने का आदेश केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने जारी किया था। यही मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट भी पहुंचा और अमर सिंह सहित अन्य कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में स्पेशल अपील दायर कर कहा था कि शिक्षा मित्रों का कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त हो गया है।
सरकार उन्हें अब सेवा विस्तार भी नहीं दे रही है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में प्रदेश सरकार को आदेश दे चुकी है कि नई नियुक्तियां न होने तक इनको कार्य करते रहने दिया जाए। सरकार की ओर से कहा गया कि शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।