लक्सर नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन जगदेव सिंह से एक-एक वोट की कीमत पूछो। जगदेव सिंह ने 2008 के निकाय चुनाव में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बसपा प्रत्यार्शी ब्रह्म सिंह को दो वोटों से पराजित किया था। इस दौरान सभी ने माना था कि एक-एक वोट का सरकार चुनने में कितना महत्व है। चाहे वह नगर पंचायत की सरकार हो या फिर संसद की।
इन दिनों लोकसभा चुनाव को लेकर बिगुल बजा हुआ है। भाजपा, कांग्रेस और बसपा सहित सभी निर्दलीय प्रत्याशी भी अपने-अपने पक्ष में वोट करने की अपील करने के लिए लोगों के बीच में पहुंच रहे हैं। वहीं सरकार की ओर से लगातार अभियान चलाकर लोगों को मतदान करने का आह्वान किया जा रहा है, ताकि लोकतंत्र मजबूत हो सके और काबिल प्रत्याशी ही चुनकर संसद पहुंचे। लोकतंत्र में एक-एक वोट का क्या महत्व है। इसकी बानगी 2008 के निकाय चुनाव में देखने को मिली थी।
लक्सर नगर पंचायत से भाजपा प्रत्याशी अजय वर्मा, कांग्रेस के संजीव उर्फ नीटू, बसपा के ब्रह्म सिंह व निर्दलीय प्रत्याशी जगदेव सिंह के बीच मुख्य मुकाबला था। मतगणना के दिन भाजपा प्रत्याशी अजय वर्मा करीब 1600 व कांग्रेस प्रत्याशी 1700 वोटों के साथ चुनाव से बाहर हो गए, लेकिन शाम तक निर्दलीय प्रत्याशी जगदेव सिंह और बसपा प्रत्याशी ब्रह्म सिंह के बीच मुकाबला जारी रहा। इस दौरान कभी जगदेव सिंह तो कभी ब्रह्म सिंह आगे निकलते रहे।
इसके चलते दोनों प्रत्याशियों के साथ-साथ उनके समर्थकों की सांसे भी लटकी रही। अंत में चुनाव अधिकारियों ने निर्दलीय प्रत्याशी जगदेव सिंह को मात्र दो वोटों से विजय घोषित कर दिया गया। इस चुनाव में जगदेव सिंह को तीन हजार दो वोट और ब्रह्म सिंह को तीन हजार वोट मिले थे। विजय प्रत्याशी जगदेव सिंह बताते हैं कि सभी मतदाताओं को अपने वोट का जरूर इस्तेमाल करना चाहिए। जो सरकार चुनने के लिए काफी है।