अधिवक्ता ने कहा कि हरिद्वार जिले की लक्सर कोतवाली के एक गांव में अप्रैल 2018 में एक दबंग परिवार के युवक ने नाबालिग युवती के साथ दुराचार किया था। कुछ दिन पहले तबियत खराब होने पर पता चला कि नाबालिग गर्भवती है।
इस मामले को लेकर गांव में पंचायत बुलायी गयी। पंचायत में आरोपी युवक ने पीड़िता के साथ निकाह करने से इंकार कर दिया। उसके बाद पंचायत ने पीड़ित परिवार के खिलाफ फरमान जारी किया कि यदि वह इस मामले में शिकायत करेंगे तो उन्हें गांव में रहने नहीं दिया जाएगा। कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कहा कि पंचायतों की ओर से जारी होने वाले फरमान संविधान के विपरीत हैं।