उडलगांव हाल बाड़ेछीना निवासी सर्वजीत सिंह मेहरा पूर्व वन निगम उपाध्यक्ष धर्म सिंह महरा के भतीजे हैं।उधर राजस्व पुलिस उप निरीक्षक पूनम राज और एसडीएम विवेक राय के मुताबिक उनको सर्वजीत मेहरा के निधन की सूचना तो मिली है लेकिन ब्लास्ट में मौत की जानकारी नहीं है।
मछलियों का अवैध शिकार आम बात
नदियों और गधेरों में मछलियों को ब्लीचिंग पाउडर डालकर या ब्लास्ट कर मारने की घटनाएं पहाड़ों पर आम हैं। अल्मोड़ा के निकट कोसी, स्वाल, रामगंगा, गगास, गोमती, सरयू आदि नदियों के अलावा छोटे गधेरों में भी लोग अवैध तरीके से मछलियों का शिकार करते रहते हैं।
इसमें ब्लास्ट से मछली मारना काफी खतरनाक माना जाता है। लोग मछली मारने के लिए कारतूस से बाहर निकली बत्ती में आग लगाकर कारतूस को पानी में डाल देते हैं। वाटर प्रूफ बत्ती में लगी आग से कारतूस पानी के भीतर पहुंचकर फटता है जिससे मछलियां मर जाती हैं। कई बार यह कारतूस बाहर ही फट जाने से दुर्घटनाएं हो जाती हैं।