उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की मांग वाली 2014 की लंबित जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया है। कोर्ट ने उधम सिंह नगर जिले में 16 अगस्त से यूनिवर्सिटी की कक्षाएं शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
वरिष्ठ न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खण्डपीठ ने राज्य सरकार को तीन माह के भीतर फैकल्टी और स्टाफ की विधिवत नियुक्ति करने को कहा है । यूनिवर्सिटी में सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश विजिटर और उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश चांसलर के साथ दो कार्यरत जजों को गवर्निंग बॉडी में रखा गया है।
राज्य में वित्तीय समस्या के चलते न्यायालय ने अधिवक्ताओं से वित्तीय मदद करने के लिए कहा है। जिसके लिए कई अधिवक्ता तैयार भी हो गए हैं।