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हाईकोर्ट ने जारी किए निर्देश, गवाहों की सुरक्षा के लिए हर जिले में बनाएं स्टैंडिंग कमेटी 

Thu, 17 Oct 2019 08:40 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाल, नैनीताल
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- फोटो : फाइल फोटो
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हाईकोर्ट ने गवाहों की सुरक्षा के लिए जिला जजों की अध्यक्षता में हर जिले में 26 नवंबर से पहले स्टैंडिंग कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। इस कमेटी के सदस्य जिलों के एसपी और मुख्य अभियोजन अधिकारी होंगे। यह समिति गवाहों के सुरक्षा संबंधी प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई कर उन्हें सुरक्षा देने पर निर्णय लेगी।

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सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में महेंद्र चावला बनाम केंद्र सरकार संबंधी मुकदमे में गवाहों की सुरक्षा के लिए गवाह सुरक्षा योजना बनाने के आदेश दिए थे। इसके बाद केंद्र सरकार ने गवाह संरक्षण नियमावली 2018 का गठन किया लेकिन यह नियमावली अभी तक उत्तराखंड में नहीं बनी है।

इससे पहले लिंग परिवर्तन कर महिला बनी शिल्पा लॉरेंस और रुद्रपुर के राकेश कुमार की सुरक्षा मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति आलोक सिंह और न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की खंडपीठ ने सरकार को आदेश दिए थे कि वह 26 नवंबर से पहले जिला स्तर पर कमेटियों का गठन कर कोर्ट के आदेश का पालन करना सुनिश्चित करे।
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सुनवाई के दौरान एसएसपी ऊधम सिंह नगर व्यग्तिगत रूप से कोर्ट में पेश हुए थे। उन्होंने कोर्ट को बताया था कि कमेटियों के गठन की कार्यवाही चल रही है। इस संबंध में जीडी लॉ सोहन चंद्र पांडे ने महाधिवक्ता कार्यालय के माध्यम से अपर सचिव (गृह) अत्तर सिंह से वार्ता की और उनसे एक सप्ताह के भीतर हाईकोर्ट के आदेशों के क्रम में कमेटी गठित करने को कहा। 

उल्लेखनीय है कि शिल्पा ने दुष्कर्म के संदर्भ में कोटद्वार थाने में मुकदमा दर्ज कराया हुआ है। सिमें आरोप है कि उसके गवाह को विपक्षी डरा-धमका रहे हैं। इसी तरह रुद्रपुर में राकेश कुमार के भाई उपेंद्रपाल की हत्या हो गई थी। इसमें विनीत आर्य नामजद आरोपी है। राकेश कुमार ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उसे विपक्षी की ओर से जानमाल की धमकी देकर गवाही न देने के लिए बाध्य किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने सरकार को 26 नवंबर से पूर्व हर जिले में स्टैंडिंग कमेटी गठित करने के निर्देश दिए।

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