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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सभी डॉक्टरों को मिले समान वेतन और भत्ते, होगा पिछले सारे एरियर का भुगतान

Fri, 23 Nov 2018 08:53 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नैनीताल
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court - फोटो : PTI
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हाईकोर्ट ने प्रदेश के साथ अनुबंध करने वाले चिकित्सकों को पूर्व निर्धारित शर्त के अनुरूप पांच वर्ष तक प्रदेश के दुर्गम स्थानों में सेवा देने पर नियमित सरकारी चिकित्सकों के समान वेतनमान और भत्ते देने का आदेश दिया है।

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कोर्ट ने यह भी कहा है कि इन चिकित्सकों को अब तक के एरियर का भुगतान भी दस सप्ताह के अंदर किया जाए। हाईकोर्ट में कुछ समय पूर्व ही 27 अनुबंधित चिकित्सकों ने याचिका दायर की थी। तत्कालीन कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश शरद शर्मा की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की थी।

याचिका में कहा गया था सरकार ने 27 चिकित्सकों के साथ एमबीबीएस प्रशिक्षण से पूर्व अनुबंध किया था कि प्रशिक्षण के बाद उन्हें पांच वर्ष तक  दुर्गम व अति दुर्गम क्षेत्रों में कार्य करना होगा और इस दौरान उन्हें नियमित चिकित्सकों के बराबर ही वेतनमान/ भत्ता दिया जाएगा।

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याची के अधिवक्ता विपुल शर्मा ने कहा कि अनुबंधित चिकित्सकों की नियुक्ति के बाद सरकार की ओर से 23 अप्रैल 2018 को पत्र जारी कर कहा गया कि उन्हें 31 अक्तूबर 2012 के शासनादेश के अनुरूप वेतन दिया जाएगा।

इस शासनादेश के तहत  सामान्य दुर्गम के लिए 48 हजार, दुर्गम के लिए 52 हजार व अति दुर्गम के लिए 56 हजार रुपये वेतन तय किया गया था। नियमित चिकित्सकों का वेतनमान 56100 से 177500 रुपये है। याची की ओर से यही नियमित वेतनमान देने की मांग की गई। खंडपीठ का कहना था कि सरकार अनुबंध से पीछे नहीं हट सकती और समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत के अनुसार भी उन्हें नियमित चिकित्सकों के समान वेतन दिया जाना चाहिए।

साथ ही प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों के नागरिकों को चिकित्सक उपलब्ध करवाना भी जरूरी है। कोर्ट ने आदेश दिए कि इन चिकित्सकों को नियमित चिकित्सकों के समान वेतन और भत्ते तथा अब तक का एरियर दस सप्ताह के भीतर दिया जाय।
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महिला स्वास्थ्यकर्मियों को मिलेगा 5400 का वेतनमान

स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत मातृ शिशु एवं परिवार कल्याण महिला कर्मचारियों को 5400 रुपये का वेतनमान दिया जाएगा। इसके अलावा ऐसी महिला स्वास्थ्य कर्मी जिनकी सेवानिवृत्ति में महज तीन साल का समय बचा है, उन्हें छह माह का प्रशिक्षण नहीं करना होगा। इसके अलावा जन स्वास्थ्य उपचारिका के लिए तीन वर्षीय प्रशिक्षण को अब तीन साल से घटाकर एक साल कर दिया गया है। सचिव नितेश कुमार झा की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को सचिवालय में स्वास्थ्य महानिदेशक की मौजूदगी में उत्तराखंड मातृ एवं परिवार कल्याण कर्मचारी महिला संघ के पदाधिकारियों की वार्ता हुई जिसमें तमाम मुद्दों पर सहमति बनी। 

बैठक में सहमति बनी थी कि ऐसी महिला स्वास्थ्यकर्मी जिनकी सेवानिवृत्त के लिए तीन साल बाकी रह गए हैं, उन्हें छह माह के प्रशिक्षण के लिए छूट प्रदान की जाए। जन स्वास्थ्य उपचारिका के तीन वर्षीय प्रशिक्षण को भी एक साल किया जाए। स्वास्थ्य विभाग में पुरुष स्वास्थ्य पर्यवेक्षक के रिक्त पदों पर आवश्यकता के अनुसार महिला स्वास्थ्यकर्मियों का समायोजन करते हुए पदोन्नति की जाए। इसके अलावा महिला स्वास्थ्यकर्मियों की नियमावली में संशोधन किया जाए। 

नितेश कुमार झा ने बैठक में उपस्थित स्वास्थ्य महानिदेशक को निर्देशित किया कि समझौता वार्ता में जिन मुद्दों पर सहमति बनी है, उन पर जल्द कार्यवाही पूरी की जाए।  बैठक में सचिव नितेश कुमार झा के अलावा स्वास्थ्य महानिदेशक निदेशक डॉक्टर अंजलि नौटियाल, निदेशक डॉ. सरोज नैथानी, संयुक्त निदेशक डॉ. अर्जुन सिंह सेंगर, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर प्रहलाद सिंह, मातृ एवं शिशु परिवार कल्याण कर्मचारी संघ की प्रदेश अध्यक्ष गुड्डी मटूडा, सचिव देवेश्वरी रावत, चित्रा राणा आदि उपस्थित थे। 
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