फिर भी लोगों को आशंका थी कि भविष्य में एम्स फिर से उपचार शुल्क में इजाफा कर सकता है। इसी आशंका के चलते वाराणसी निवासी प्रवीण कुमार सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
याची प्रवीण सिंह ने शुल्क वृद्धि के विरोध में नवंबर माह में एम्स ऋषिकेश में आमरण अनशन भी किया था। याची का कहना था कि एम्स में पर्वतीय क्षेत्रों से प्रतिदिन कई लोग उपचार के लिए आते हैं। शुल्क बढ़ाए जाने से इनको परेशानी का सामना करना पड़ेगा।