उत्तराखंड हाईकोर्ट करीब नौ माह बाद दो जनवरी से विधिवत खुलने जा रहा है। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल धनन्जय चतुर्वेदी ने इस आशय का पत्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महासचिव को भेजकर उनसे सुझाव भी मांगे हैं, ताकि न्यायिक कार्य निर्बाध रूप से चल सकें।
रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि हाईकोर्ट कोविड-19 के दिशा निर्देशों के अनुरूप खुलेगा। इसके लिए गाइडलाइन जल्द जारी कर दी जाएगी।
जिला पंचायत का बैरियर हटाने के मामले में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश
हाईकोर्ट ने ऊधमसिंह नगर जिले में जिला पंचायत के बैरियर हटाने के मामले में सुनवाई के बाद जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर से पूछा है कि उन्होंने किस नियम के तहत यह आदेश जारी किया है। कोर्ट ने इस संबंध में 6 जनवरी तक स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। दस दिसंबर को डीएम ऊधमसिंह नगर ने जिला पंचायत के टोल बैरियर को बंद करने का आदेश जारी किया था। डीएम ऊधमसिंह नगर के इस आदेश को जिला पंचायत ऊधमसिंह नगर ने याचिका दायर कर चुनौती देते हुए कहा था कि जिला पंचायत संवैधानिक संस्था है। जिला पंचायत को अनुच्छेद 243 के तहत लदान व ढुलान शुल्क लगाने का अधिकार है।
जिला पंचायत को राजस्व वसूली का अधिकार है। याचिका में कहा कि जिला पंचायत द्वारा कर वसूली से ही कर्मचारियों को वेतन दिया जाता है। याचिकाकर्ता की ओर से डीएम के आदेश को निरस्त करने की मांग की गई थी। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।