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UKSSSC: हाईकोर्ट ने अभ्यर्थियों की याचिका की निस्तारित, नौ जुलाई को ही 12 जिलों में होगी स्नातक स्तरीय परीक्षा

Thu, 06 Jul 2023 11:35 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल

सार

बड़ी संख्या में आयोग ने नकलचियों को सूचीबद्ध कर परीक्षा में बैठने के लिए प्रतिबंध किया जबकि नकलचियों का वास्तविक आकलन न लग पाने पर पूरी परीक्षा कैंसिल कर इसे दोबारा कराए जाने का निर्णय लिया गया।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नैनीताल हाईकोर्ट ने यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय परीक्षा तय समय 9 जुलाई को आयोजित करने की अनुमति दी है। अब यह परीक्षा आयोग के नए निर्णय के अनुसार होगी। कोर्ट ने सुनवाई के बाद अभ्यर्थियों की याचिका को निस्तारित कर दिया।

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न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। उत्तराखंड में पेपर लीक के बाद यूकेएसएसएससी ने दिसंबर में स्नातक स्तरीय परीक्षा कैंसिल कर दी थी। बड़ी संख्या में आयोग ने नकलचियों को सूचीबद्ध कर परीक्षा में बैठने के लिए प्रतिबंध किया जबकि नकलचियों का वास्तविक आकलन न लग पाने पर पूरी परीक्षा कैंसिल कर इसे दोबारा कराए जाने का निर्णय लिया गया। इस पर पास हुए अभ्यर्थियों ने नकलचियों को बाहर कर उन्हें नौकरी देने की मांग की थी।

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जब आयोग ने नए सिरे से परीक्षा कराए जाने का निर्णय लिया तो पास हुए अभ्यर्थियों ने आयोग के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। लंबे समय से परीक्षा कराए जाने को लेकर याचिका पर बहस चली। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निस्तारित कर आयोग के फैसले को बरकरार रखा है।

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12 जिलों में होगी परीक्षा

- परीक्षा में करीब 1 लाख 40 हजार अभ्यर्थियों को बैठने के लिए आयोग ने पहले ही प्रवेश पत्र जारी कर दिए हैं।
- हरिद्वार में कांवड़ सीजन के चलते 12 जिलों में परीक्षा कराई जाएगी।
- नकल करते पकड़े गए जिन अभ्यर्थियों को आयोग ने प्रतिबंधित किया है, उन्हें छोड़कर सभी अन्य परीक्षा में शामिल होंगे।
- हाईकोर्ट में यह याचिका जगपाल सिंह, संजय कुमार, शोभा, मनोज सिंह, हेमा, धर्मेंद्र कुमार शर्मा, कुलदीप कुमार व अन्य की ओर से अलग अलग याचिकाएं दायर की थी। इसकी एक साथ सुनवाई हुई।
- याचिकाकर्ताओं के मुताबिक वे लोग नकल में शामिल नहीं थे और वे उत्तीर्ण हुए हैं इसलिए उन्हें नौकरी दी जाए लेकिन कोर्ट ने उनके तर्कों को अस्वीकार कर याचिकाएं निस्तारित कर दीं।
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