हाईकोर्ट ने समाचार चैनल के मालिक उमेश शर्मा के खिलाफ जारी वी वारंट पर लगी रोक को तीन सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है। विवेचना अधिकारी ने कोर्ट में पेश होकर कोर्ट का आदेश न मानने पर क्षमा भी मांगी।
मंगलवार को न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। उमेश शर्मा मामले के विवेचना अधिकारी कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट के आदेश की अनदेखी करने पर कोर्ट से क्षमा मांगी। तीन सप्ताह के बाद अब इस मामले में सुनवाई होगी। देहरादून निवासी विनय मलिक ने उमेश शर्मा, आशीष एरोन, विक्रम और जितेंद्र के खिलाफ 2 नवंबर 2018 को राजपुर थाने में चारो के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
इस रिपोर्ट में कहा गया था कि उमेश शर्मा और तीन अन्य लोग विनय मलिक के प्लाट पर कब्जा करना चाहते हैं। उमेश शर्मा का कहना था कि वह प्लाट आशीष एरोन का है। कोर्ट ने 1999 में आशीष एरोन के हित में इस प्लाट से संबंधित निर्णय दिया था।
आशीष एरोन को हाईकोर्ट से पूर्व में स्टे मिल चुका है। आईओ ने देहरादून कोर्ट में प्रार्थना देकर उमेश शर्मा को गिरफ्तारी करने के लिए बी वारंट जारी करवाये थे। इस बी वारंट को उमेश शर्मा ने हाईकोर्ट में चुनौती दी गयी। इस बी वारंट पर कोर्ट ने 27 नवंबर को रोक लगा दी थी।