हाईकोर्ट में हरिद्वार के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के पद के दुरुपयोग मामले में दायर जनहित याचिका पर बृहस्पतिवार को हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने शपथपत्र पेश कर कोर्ट को अवगत कराया गया कि डीईओ पर चार्ज फ्रेम कर दिए गए हैं। सरकार ने बताया कि जांच में वह 18 मामलों में दोषी पाए गए हैं। जिसके बाद सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि कुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हरिद्वार निवासी पदम कुमार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि जिला शिक्षा अधिकारी ब्रह्मपाल सैनी ने अपने पद का दुरुपयोग कर कई शिक्षकों को नियम विरुद्ध तरीके से लाभ पहुंचाया है। याचिकाकर्ता का कहना था कि वे नियमावली के विरुद्ध अपने गृह जनपद में कार्यरत हैं।
इसकी शिकायत उन्होंने राज्य सरकार तथा जिलाधिकारी से की थी, जिसकी जांच भी हुई। जांच में उनके ऊपर लगाए गए आरोप सिद्ध हुए, लेकिन अभी तक उनके खिलाफ कोई विभागीय कार्यवाही नहीं की गई। मामले में राज्य सरकार ने शपथपत्र पेश कर कोर्ट को अवगत कराया कि डीईओ के खिलाफ चार्ज फ्रेम कर दिए गए हैं। सरकार ने इनको निलंबित कर दिया है।