इसे याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती देते हुए कहा कि राज्य सरकार के 2021 के नियम एनसीटीई के प्रावधानों के विपरीत हैं क्योंकि राज्य सरकार एनसीटीई के प्रावधानों के विपरीत नियम नहीं बना सकती है और न ही विज्ञप्ति जारी होने के बाद नियमों में बदलाव कर सकती है।
न्यायालय ने इन तर्कों को स्वीकार करते हुए माना कि राज्य सरकार द्वारा बनाए गए 2021 के नियम एनसीटीई के प्रावधानों के विपरीत है। इस पर हाईकोर्ट ने सरकार की नियमावली को रद्द करते हुए कला विषय के सहायक अध्यापकों (एलटी) की भर्ती के लिए बीएड की योग्यता को अनिवार्य करते हुए सरकार को नए सिरे से यथाशीघ्र विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश दिए हैं