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हाथी कॉरिडोर में अतिक्रमण पर हाईकोर्ट की रोक, पटाखे फोड़ने, फायरिंग करने पर भी प्रतिबंध

Wed, 16 Oct 2019 08:40 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाल, नैनीताल
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- फोटो : फाइल फोटो
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हाईकोर्ट ने प्रदेश में हाथी कॉरिडोर पर अतिक्रमण पर रोक लगाते हुए आबादी क्षेत्र में हाथियों को घुसने से रोकने को पटाखे फोड़ने, फायरिंग करने और उन्हें मिर्च खिलाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वन विभाग का यह कृत्य पशु क्रूरता अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है।

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पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने प्रमुख वन संरक्षक, निदेशक कॉर्बेट पार्क, डीएफओ को 15 तक स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। मंगलवार को सरकार ने माना कि हाथी कॉरिडोर पर अतिक्रमण हुआ है।

सरकार ने इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। इस पर अदालत ने मुख्य वन्य जीव संरक्षक, रामनगर डीएफओ और निदेशक कार्बेट पार्क को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। 
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मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।  मामले के अनुसार दिल्ली की संस्था इनडिपेंडेंट मेडिकल इनटिवेट सोसाइटी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि उत्तराखंड में 11 कॉरिडोरों पर अतिक्रमण कर व्यावसायिक भवन बनाए गए हैं।

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इनमें तीन हाथी कॉरिडोर रामनगर मोहान सीमा से लगते हुए 27 किमी हाईवे में हैं। याचिका में कहा गया कि ढिकुली क्षेत्र में पड़ने वाला कॉरिडोर 150 से अधिक व्यावसायिक निर्माण के चलते पूरी तरह बंद हो चुका है।
 
मोहान क्षेत्र में निर्माण होने और रात में वाहनों की आवाजाही से हाथियों को कोसी नदी तक पहुंचने में बाधा हो रही है। बड़े व्यावसायिक भवनों में रात में होने वाली शादियों और पार्टी में बजने वाले डीजे के शोरगुल से वन्यजीवों की शांति में खलल पड़ रहा है। वन विभाग जंगलों में मानव दखलंदाजी को रोकने के बजाय हाथियों को हाईवे पर आने से रोकने के लिए मिर्च पाउडर और पटाखों का प्रयोग कर रहा है।
 
इससे हाथियों के व्यवहार में परिवर्तन आ रहा है और वे हिंसक हो रहे हैं। याचिका में कहा गया कि बीते एक वर्ष में हाथियों के हमले की 20 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। याचिकाकर्ता का कहना था कि एक हाथी प्रतिदिन 225 लीटर पानी पीता है जिसके लिए वे कोसी नदी में जाते हैं, लेकिन वन विभाग उनके मार्गों को अवरुद्ध कर रहा है।
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