इनमें तीन हाथी कॉरिडोर रामनगर मोहान सीमा से लगते हुए 27 किमी हाईवे में हैं। याचिका में कहा गया कि ढिकुली क्षेत्र में पड़ने वाला कॉरिडोर 150 से अधिक व्यावसायिक निर्माण के चलते पूरी तरह बंद हो चुका है।
मोहान क्षेत्र में निर्माण होने और रात में वाहनों की आवाजाही से हाथियों को कोसी नदी तक पहुंचने में बाधा हो रही है। बड़े व्यावसायिक भवनों में रात में होने वाली शादियों और पार्टी में बजने वाले डीजे के शोरगुल से वन्यजीवों की शांति में खलल पड़ रहा है। वन विभाग जंगलों में मानव दखलंदाजी को रोकने के बजाय हाथियों को हाईवे पर आने से रोकने के लिए मिर्च पाउडर और पटाखों का प्रयोग कर रहा है।
इससे हाथियों के व्यवहार में परिवर्तन आ रहा है और वे हिंसक हो रहे हैं। याचिका में कहा गया कि बीते एक वर्ष में हाथियों के हमले की 20 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। याचिकाकर्ता का कहना था कि एक हाथी प्रतिदिन 225 लीटर पानी पीता है जिसके लिए वे कोसी नदी में जाते हैं, लेकिन वन विभाग उनके मार्गों को अवरुद्ध कर रहा है।