हाईकोर्ट ने कोरोना महामारी के इस दौर में केंद्र और राज्य सरकार से पूछा है कि किसानों की रबी की फसल के कटान के लिए क्या गाइडलाइन जारी की गई है? कोर्ट ने पूछा कि क्या राज्य सरकार बिना भीड़ जुटाए किसानों की रबी फसल की खरीद कर सकती है? कोर्ट ने इस मामले में सरकार को 18 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने को कहा है।
न्यायमूर्ति सुधांशु धुलिया एवं न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी की खंडपीठ के समक्ष इन री इन द मैटर ऑफ वेलफेयर ऑफ पूअर फार्मर के नाम से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। मुरली मनोहर श्रीवास्तव ने कहा है कि कोरोना महामारी के दौरान किसानों की रबी फसल पक चुकी है लेकिन उन्हें फसल काटने और इसे बेचने में लॉकडाउन का सामना करना पड़ रहा है।
याचिका में कहा गया कि किसानों की फसल बर्बाद हो रही है। इससे उन्हें आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है। याचिकाकर्ता ने रबी फसल के कटान और उसे बेचने के लिए राज्य सरकार को उचित व्यवस्था करने को निर्देशित करने की मांग की है। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार को 18 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।