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उत्तराखंड: हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, फर्जी शिक्षकों के खिलाफ क्या कार्रवाई की?

Wed, 17 Jun 2020 12:19 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल

सार

  • हाईकोर्ट ने 24 जून तक सरकार से मांगी जानकारी, सरकार ने कहा-चल रही जांच
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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नैनीताल हाइकोर्ट ने सरकार को प्राइमरी और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति पाने वाले अध्यापकों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी 24 जून तक देने के निर्देश दिए हैं। वहीं, सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि इस प्रकरण की जांच चल रही है। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मामले की सुनवाई हुई। 

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स्टूडेंट वेलफेयर सोसायटी हल्द्वानी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि राज्य के प्राइमरी और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में करीब साढ़े तीन हजार अध्यापक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्त हैं। इनमें से कुछ अध्यापकों के दस्तावेजों की एसआईटी जांच की गई। इनमें जो नाम सामने आए उनके खिलाफ विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक कि इन्हें क्लीन चिट दे दी गइ है। याचिका में कहा गया कि ऐसे लोग अब भी पद पर बने हुए हैं। याचिकाकर्ता ने इस प्रकरण की एसआईटी जांच कराने की मांग की थी। 

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि इस मामले की एसआईटी जांच चल रही है। अभी तक 84 अध्यापक जाली दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करते पाए गए हैं। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई चल रही है। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार को 24 जून तक ऐसे अध्यापकों के खिलाफ की गई कारवाई की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।

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