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Uttarakhand: हाईकोर्ट ने पूछा- सरकार बताए लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए क्या किया?, खर्च का ब्योरा किया तलब

Fri, 17 Mar 2023 09:41 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल

सार

सुनवाई में रविशंकर जोशी की ओर से न्यायालय को बताया गया कि लोकायुक्त संस्थान के नाम पर वार्षिक दो से तीन करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं, लेकिन अब तक लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं की गई है।
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नैनीताल हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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नैनीताल हाईकोर्ट ने लोकायुक्त संस्थान बनने में 31 मार्च 2023 तक वर्षवार हुए खर्च का ब्योरा तलब किया है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को अतिरिक्त शपथपत्र देने का आदेश देते हुए लोकायुक्त की नियुक्ति की कार्यवाही की जानकारी भी मांगी है। मामले की अगली सुनवाई आठ मई को होगी। सुनवाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति आलोक वर्मा की खंडपीठ में हुई।

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शुक्रवार को हुई सुनवाई में रविशंकर जोशी की ओर से न्यायालय को बताया गया कि लोकायुक्त संस्थान के नाम पर वार्षिक दो से तीन करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं, लेकिन अब तक लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं की गई है। कर्नाटक व मध्य प्रदेश में लोकायुक्त की ओर से भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है लेकिन उत्तराखंड में तमाम घोटाले हो रहे हैं, जो हाईकोर्ट पहुंच रहे हैं।

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याचिका में कई घोटाले का किया गया है जिक्र

याचिकाकर्ता रविशंकर जोशी ने विजिलेंस और एसआईटी जांच एजेंसियों की ओर से एनएच-74 मुआवजा घोटाला, समाज कल्याण विभाग का छात्रवृत्ति घोटाला, स्वास्थ्य विभाग का एनएचएम दवा खरीद घोटाला आदि का जिक्र करते हुए लोकायुक्त की नियुक्ति की मांग की है। कहा है कि राज्य की सभी जांच एजेंसी सरकार के अधीन हैं। राज्य में ऐसी कोई भी जांच एजेंसी नहीं जो बिना शासन की पूर्वानुमति किसी राजपत्रित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर सके।

कोई भी एजेंसी मुख्यमंत्री समेत किसी भी जनप्रतिनिधि व लोकसेवक के खिलाफ निष्पक्ष जांच व कार्रवाई नहीं कर सकती। निष्पक्ष जांच वाला विजिलेंस विभाग भी राज्य पुलिस का ही हिस्सा है जिसका पूरा नियंत्रण पुलिस मुख्यालय, मुख्यमंत्री कार्यालय के पास है। इसी कारण कई बार तो जांच के बीच में ही बिना उचित कारण के पूरी जांच एजेंसी बदल दी जाती है। याचिका में कहा गया है कि प्रतियोगी परीक्षा में हुई धांधली, खनन-भूमि, प्रशासनिक स्तर के भ्रष्टाचार मामलों में निष्पक्ष जांच का कोई उदाहरण नहीं है।
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