मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। समाधान एनजीओ कृष्णा विहार देहरादून ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि हल्द्वानी जेल में 44 कैदी एचआईवी पॉजिटिव मिले हैं जिन्हें उचित देखभाल की आवश्यकता है। कहा गया कि इन कैदियों को अन्य कैदियों से अलग रखा जाए।
इनका स्वास्थ्य परीक्षण कराकर इनके इलाज की उचित व्यवस्था की जाए। सभी एचआईवी पॉजिटिव कैदियों के स्वास्थ्य पर विशेष नजर रखी जाए। जनहित याचिका में यह भी कहा गया कि कैदियों को बंदी गृह में लाने से पहले उनकी एचआईवी जांच की जाए ताकि अन्य कैदियों को संक्रमण न फैले। याचिका में कहा गया कि जेल में ड्रग्स की सफ्लाई करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाए।