याचिका में काशीपुर के कैलाखेड़ा अस्पताल का हवाला देते हुए कहा कि कुछ ही दिनों में यहां से 47 लोगों को पंजीकृत अस्पतालों के लिए रेफर किया गया। कहा कि न तो इनकी बीमारियों का ही पता है और न ही इस अस्पताल में कोई डॉक्टर है।
जनहित याचिका में आयुष्मान अथॉरिटी और प्राइवेट अस्पतालों की मिलीभगत से हो रहे घोटाले का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच या एसआईटी से जांच के साथ ही दोषियों पर कार्रवाई की भी मांग की गई है।