कुछ स्कूलों में भौतिक विज्ञान वाले शिक्षक गणित तो कुछ में गणित वाले भौतिक विज्ञान पढ़ा रहे हैं। ठीक इसी तरह संस्कृत वाले शिक्षक हिंदी तो हिंदी वाले संस्कृत पढ़ा रहे हैं। जबकि अन्य विषयों का भी यही हाल है। स्कूलों में जिस विषय के शिक्षक नहीं हैं, 183 शिक्षक उन विषयों को पढ़ा रहे हैं।
स्कूलों में संबंधित विषय के छात्रों की संख्या शून्य होने एवं कुछ स्कूलों में असंगत विषयों के शिक्षकों की तैनाती से यह स्थिति बनी है। शिक्षकों को संबंधित विषय के बजाए दूसरे विषयों को पढ़ाना पढ़ रहा है। विभाग को इन शिक्षकों के समायोजन की मंजूरी मिल चुकी है। शीघ्र ही इन शिक्षकों को जिन विषयों के छात्र हैं, लेकिन शिक्षक नहीं हैं, उन स्कूलों में भेजा जाएगा। - आरके कुंवर शिक्षा निदेशक