ऋषिकेश में चेतावनी रेखा से 10 सेमी ऊपर बही गंगा
पहाड़ों में हो रही लगातार बरसात से गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। रविवार को गंगा चेतावनी रेखा से 10 सेमी ऊपर बही। इससे गंगा घाटों पर अलर्ट रहा। पुलिस-प्रशासन ने तटीय इलाकों से लोगों को दूर रहने की अपील की गई। जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा में अत्यधिक सिल्ट की मात्रा बढ़ गई। जिससे चीला विद्युत गृह में दोपहर एक बजे से देर रात तक उत्पादन ठप रहा। पशुलोक बैराज के कंट्रोल रूम से नदी में सिल्ट कम होने का इंतजार किया जा रहा है।
पर्वतीय क्षेत्रों में झमाझम बारिश हो रही है। इससे रविवार सुबह आठ बजे से गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा। ऋषिकेश के कई घाटों पर पानी भर गया। गंगा नदी में चेतावनी रेखा से 10 सेमी ऊपर बहने लगी। केंद्रीय जल आयोग के स्थानीय कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को सुबह आठ बजे से गंगा का जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ। जो रात आठ बजे तक 339.60 मीटर हो गया। गंगा का चेतावनी रेखा 339.50 है।
जलस्तर बढ़ने के साथ सिल्ट भी आने लगी। दोपहर एक बजे सिल्ट की मात्रा बढ़ गई। जिससे पशुलोक बैराज स्थित कंट्रोल रूम से चीला शक्ति नहर का पानी बंद कर बैराज के सभी गेट खोल दिए गए। चीला जल विद्युत परियोजना में 144 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। वहीं, पशुलोक बैराज से गंगा नदी में सिल्ट कम होने का इंतजार किया जा रहा था। देर रात तक चीला शक्ति नहर में पानी बंद किया था। पशुलोक बैराज स्थित कंट्रोल रूम से बताया गया कि दोपहर एक बजे से गंगा नदी में सिल्ट आने के कारण चीला शक्ति नहर में पानी बंद किया गया है। सोमवार सुबह स्थिति सामान्य होने पर शक्ति नहर में पानी छोड़ा जाएगा।