सीएमओ डॉ. भारती राणा ने बताया कि एडवाइजरी मिलने के बाद सभी निजी और सरकार को अस्पतालों को पत्र लिखा गया है कि अपने यहां आइसोलेशन वार्ड बना लें। साथ ही अस्पताल में एक चिकित्सक को नोडल अधिकारी नामित करें और उसका मोबाइल नंबर डिस्पले करें।
सांस लेने में दिक्कत के साथ ही बुखार और कफ के साथ अगर कोई मरीज आता है तो उसकी जांच करें। मरीज के कोरोना जैसे लक्षण प्रतीत होने पर गले से लार का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे। बताया कि सैंपल जांच के लिए एनसीडीसी दिल्ली (नेशनल सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल) जाएगा।